We Believe JesusFé, Esperança e Nova Vida

ज़बूर 126

किताबे-मुक़द्दस · urdu

← ज़बूर 125 ज़बूर ज़बूर 127 →

1ज़ियारत का गीत।

2तब हमारा मुँह हँसी-ख़ुशी से भर गया, और हमारी ज़बान शादमानी के नारे लगाने से रुक न सकी। तब दीगर क़ौमों में कहा गया, “रब ने उनके लिए ज़बरदस्त काम किया है।”

3रब ने वाक़ई हमारे लिए ज़बरदस्त काम किया है। हम कितने ख़ुश थे, कितने ख़ुश!

4ऐ रब, हमें बहाल कर। जिस तरह मौसमे-बरसात में दश्ते-नजब के ख़ुश्क नाले पानी से भर जाते हैं उसी तरह हमें बहाल कर।

5जो आँसू बहा बहाकर बीज बोएँ वह ख़ुशी के नारे लगाकर फ़सल काटेंगे।

6वह रोते हुए बीज बोने के लिए निकलेंगे, लेकिन जब फ़सल पक जाए तो ख़ुशी के नारे लगाकर पूले उठाए अपने घर लौटेंगे।

← ज़बूर 125 ज़बूर ज़बूर 127 →

ज़बूर 126 — urdu:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019Kitab-i Muqaddasکتابِ مقدّس