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ज़बूर 97

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1ख़ुदावन्द सल्तनत करता है, ज़मीन ख़ुश हो;

2बादल और तारीकी उसके चारों तरफ़ हैं;

3आग उसके आगे आगे चलती है,

4उसकी बिजलियों ने जहान को रोशन कर दिया

5ख़ुदावन्द के सामने पहाड़ मोम की तरह पिघल गए,

6आसमान उसकी सदाक़त ज़ाहिर करता सब क़ौमों ने उसका जलाल देखा है।

7खुदी हुई मूरतों के सब पूजने वाले,

8ऐ ख़ुदावन्द! सिय्यून ने सुना और खु़श हुई

9क्यूँकि ऐ ख़ुदावन्द! तू तमाम ज़मीन पर बुलंद — ओ — बाला है;

10ऐ ख़ुदावन्द से मुहब्बत रखने वालों, बदी से नफ़रत करो,

11सादिक़ों के लिए नूर बोया गया है,

12ऐ सादिक़ों! ख़ुदावन्द में खु़श रहो;

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ज़बूर 97 — urdu:

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