1ख़ुदावन्द के सामने नया हम्द गाओ
2ख़ुदावन्द ने अपनी नजात ज़ाहिर की है,
3उसने इस्राईल के घराने के हक़ में अपनी शफ़क़त — ओ — वफ़ादारी याद की है,
4ऐ तमाम अहल — ए — ज़मीन! ख़ुदावन्द के सामने ख़ुशी का नारा मारो;
5ख़ुदावन्द की सिताइश सितार पर करो,
6नरसिंगे और करना की आवाज़ से,
7समन्दर और उसकी मा'मूरी शोर मचाएँ
8सैलाब तालियाँ बजाएँ;
9ख़ुदावन्द के सामने, क्यूँकि वह ज़मीन की 'अदालत करने आ रहा है।