1आओ हम ख़ुदावन्द के सामने नग़मासराई करे!
2शुक्रगुज़ारी करते हुए उसके सामने में हाज़िर हों,
3क्यूँकि ख़ुदावन्द ख़ुदा — ए — 'अज़ीम है,
4ज़मीन के गहराव उसके क़ब्ज़े में हैं;
5समन्दर उसका है, उसी ने उसको बनाया,
6आओ हम झुकें और सिज्दा करें,
7क्यूँकि वह हमारा ख़ुदा है,
8तुम अपने दिल को सख़्त न करो जैसा मरीबा में,
9उस वक़्त तुम्हारे बाप — दादा ने मुझे आज़माया,
10चालीस बरस तक मैं उस नसल से बेज़ार रहा,
11चुनाँचे मैने अपने ग़ज़ब में क़सम खाई कि