1ऐ ख़ुदा, हम तेरा शुक्र करते हैं, हम तेरा शुक्र करते हैं;
2जब मेरा मु'अय्यन वक़्त आएगा,
3ज़मीन और उसके सब बाशिन्दे गुदाज़ हो गए हैं,
4मैंने मग़रूरों से कहा, गु़रूर न करो,
5अपना सींग ऊँचा न करो,
6क्यूँकि सरफ़राज़ी न तो पूरब से न पश्चिम से,
7बल्कि ख़ुदा ही 'अदालत करने वाला है;
8क्यूँकि ख़ुदावन्द के हाथ में प्याला है, और मय झाग वाली है;
9लेकिन मैं तो हमेशा ज़िक्र करता रहूँगा,
10और मैं शरीरों के सब सींग काट डालूँगा