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ज़बूर 30

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1ऐ ख़ुदावन्द, मैं तेरी तम्जीद करूँगा;

2ऐ ख़ुदावन्द मेरे ख़ुदा!,

3ऐ ख़ुदावन्द, तू मेरी जान को पाताल से निकाल लाया है;

4ख़ुदावन्द की सिताइश करो,

5क्यूँकि उसका क़हर दम भर का है,

6मैंने अपनी इक़बालमंदी के वक़्त यह कहा था,

7ऐ ख़ुदावन्द, तूने अपने करम से मेरे पहाड़ को क़ाईम रख्खा था;

8ऐ ख़ुदावन्द, मैंने तुझ से फ़रियाद की;

9जब मैं क़ब्र में जाऊँ तो मेरी मौत से क्या फ़ायदा?

10सुन ले ऐ ख़ुदावन्द, और मुझ पर रहम कर;

11तूने मेरे मातम को नाच से बदल दिया;

12ताकि मेरी रूह तेरी मदहसराई करे और चुप न रहे।

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ज़बूर 30 — urdu:

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