1ऐ ख़ुदावन्द! मैंने गहराओ में से तेरे सामने फ़रियाद की है!
2ऐ ख़ुदावन्द! मेरी आवाज़ सुन ले!
3ऐ ख़ुदावन्द! अगर तू बदकारी को हिसाब में लाए,
4लेकिन मग़फ़िरत तेरे हाथ में है,
5मैं ख़ुदावन्द का इन्तिज़ार करता हूँ।
6सुबह का इन्तिज़ार करने वालों से ज़्यादा,
7ऐ इस्राईल! ख़ुदावन्द पर भरोसा कर;
8और वही इस्राईल का फ़िदिया देकर,