1मैं अपनी आँखें पहाड़ों की तरफ उठाऊगा;
2मेरी मदद ख़ुदावन्द से है,
3वह तेरे पाँव को फिसलने न देगा;
4देख! इस्राईल का मुहाफ़िज़,
5ख़ुदावन्द तेरा मुहाफ़िज़ है;
6न आफ़ताब दिन को तुझे नुक़सान पहुँचाएगा,
7ख़ुदावन्द हर बला से तुझे महफूज़ रख्खेगा,
8ख़ुदावन्द तेरी आमद — ओ — रफ़्त में,