1तब बिलदद सूखी ने जवाब दिया
2“हुकूमत और दबदबा उसके साथ है
3क्या उसकी फ़ौजों की कोई ता'दाद है?
4फिर इंसान क्यूँकर ख़ुदा के सामने रास्त ठहर सकता है?
5देख, चाँद में भी रोशनी नहीं,
6फिर भला इंसान का जो महज़ कीड़ा है,
इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu
1तब बिलदद सूखी ने जवाब दिया
2“हुकूमत और दबदबा उसके साथ है
3क्या उसकी फ़ौजों की कोई ता'दाद है?
4फिर इंसान क्यूँकर ख़ुदा के सामने रास्त ठहर सकता है?
5देख, चाँद में भी रोशनी नहीं,
6फिर भला इंसान का जो महज़ कीड़ा है,