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ज़बूर 47

किताबे-मुक़द्दस · urdu

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1क़ोरह की औलाद का ज़बूर। मौसीक़ी के राहनुमा के लिए।

2क्योंकि रब तआला पुरजलाल है, वह पूरी दुनिया का अज़ीम बादशाह है।

3उसने क़ौमों को हमारे तहत कर दिया, उम्मतों को हमारे पाँवों तले रख दिया।

4उसने हमारे लिए हमारी मीरास को चुन लिया, उसी को जो उसके प्यारे बंदे याक़ूब के लिए फ़ख़र का बाइस था। (सिलाह)

5अल्लाह ने सऊद फ़रमाया तो साथ साथ ख़ुशी का नारा बुलंद हुआ, रब बुलंदी पर चढ़ गया तो साथ साथ नरसिंगा बजता रहा।

6मद्हसराई करो, अल्लाह की मद्हसराई करो! मद्हसराई करो, हमारे बादशाह की मद्हसराई करो!

7क्योंकि अल्लाह पूरी दुनिया का बादशाह है। हिकमत का गीत गाकर उस की सताइश करो।

8अल्लाह क़ौमों पर हुकूमत करता है, अल्लाह अपने मुक़द्दस तख़्त पर बैठा है।

9दीगर क़ौमों के शुरफ़ा इब्राहीम के ख़ुदा की क़ौम के साथ जमा हो गए हैं, क्योंकि वह दुनिया के हुक्मरानों का मालिक है। वह निहायत ही सरबुलंद है।

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ज़बूर 47 — urdu:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019Kitab-i Muqaddasکتابِ مقدّس