1ख़ुदा के सामने जो हमारी ताक़त है, बुलन्द आवाज़ से गाओ;
2नग़मा छेड़ो, और दफ़ लाओ और दिलनवाज़ सितार और बरबत।
3नए चाँद और पूरे चाँद के वक़्त,
4क्यूँकि यह इस्राईल के लिए क़ानून,
5इसको उसने यूसुफ़ में शहादत ठहराया,
6'मैंने उसके कंधे पर से बोझ उतार दिया;
7तूने मुसीबत में पुकारा और मैंने तुझे छुड़ाया;
8ऐ मेरे लोगो, सुनो, मैं तुम को होशियार करता हूँ!
9तेरे बीच कोई गै़र ख़ुदावन्द का मा'बूद न हो;
10ख़ुदावन्द तेरा ख़ुदा मैं हूँ,
11“लेकिन मेरे लोगों ने मेरी बात न सुनी,
12तब मैंने उनको उनके दिल की हट पर छोड़ दिया,
13काश कि मेरे लोग मेरी सुनते,
14मैं जल्द उनके दुश्मनों को मग़लूब कर देता,
15ख़ुदावन्द से 'अदावत रखने वाले उसके ताबे हो जाते,
16वह इनको अच्छे से अच्छा गेहूँ खिलाता