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ज़बूर 127

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1अगर ख़ुदावन्द ही घर न बनाए,

2तुम्हारे लिए सवेरे उठना और देर में आराम करना,

3देखो, औलाद ख़ुदावन्द की तरफ़ से मीरास है,

4जवानी के फ़र्ज़न्द ऐसे हैं,

5ख़ुश नसीब है वह आदमी जिसका तरकश उनसे भरा है।

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ज़बूर 127 — urdu:

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