1ख़ुदावन्द का शुक्र करो, क्यूँकि वह भला है;
2इस्राईल अब कहे,
3हारून का घराना अब कहे,
4ख़ुदावन्द से डरने वाले अब कहें,
5मैंने मुसीबत में ख़ुदावन्द से दुआ की,
6ख़ुदावन्द मेरी तरफ़ है, मैं नहीं डरने का;
7ख़ुदावन्द मेरी तरफ़ मेरे मददगारों में है,
8ख़ुदावन्द पर भरोसा करना,
9ख़ुदावन्द पर भरोसा करना,
10सब क़ौमों ने मुझे घेर लिया;
11उन्होंने मुझे घेर लिया, बेशक घेर लिया;
12उन्होंने शहद की मक्खियों की तरह मुझे घेर लिया,
13तूने मुझे ज़ोर से धकेल दिया कि गिर पडू लेकिन ख़ुदावन्द ने मेरी मदद की।
14ख़ुदावन्द मेरी ताक़त और मेरी हम्द है;
15सादिकों के खे़मों में ख़ुशी और नजात की रागनी है,
16ख़ुदावन्द का दहना हाथ बुलन्द हुआ है,
17मैं मरूँगा नहीं बल्कि जिन्दा रहूँगा,
18ख़ुदावन्द ने मुझे सख़्त तम्बीह तो की,
19सदाक़त के फाटकों को मेरे लिए खोल दो,
20ख़ुदावन्द का फाटक यही है,
21मैं तेरा शुक्र करूँगा क्यूँकि तूने मुझे जवाब दिया,
22जिस पत्थर की मे'मारों ने रद्द किया,
23यह ख़ुदावन्द की तरफ़ से हुआ,
24यह वही दिन है जिसे ख़ुदावन्द ने मुक़र्रर किया,
25आह! ऐ ख़ुदावन्द बचा ले!
26मुबारक है वह जो ख़ुदावन्द के नाम से आता है!
27यहोवा ही ख़ुदा है, और उसी ने हम को नूर बख़्शा है।
28तू मेरा ख़ुदा है, मैं तेरा शुक्र करूँगा;
29ख़ुदावन्द का शुक्र करो, क्यूँकि वह भला है;