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स्तोत्र 113

Biblica® हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि · hindi

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1याहवेह का स्तवन हो.

2आज से सदा-सर्वदा

3उपयुक्त है कि सूर्योदय से सूर्यास्त के क्षण तक,

4याहवेह समस्त राष्ट्रों के ऊपर हैं,

5और कौन है याहवेह हमारे परमेश्वर के तुल्य,

6जिन्हें स्वर्ग एवं पृथ्वी को देखने के लिए

7याहवेह ही कंगाल को धूलि से उठाकर बसाते हैं,

8वही उन्हें प्रधानों के साथ लाकर,

9वही बांझ स्त्री को बच्चों की माता का आनंद प्रदान करके

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स्तोत्र 113 — hindi:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019