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यशायाह 53

Biblica® हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि · hindi

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1किसने हमारी बातों पर विश्वास किया

2क्योंकि वह जो उनके सामने अंकुर के समान

3वह तो मनुष्यों द्वारा तुच्छ जाना जाता तथा त्यागा हुआ था,

4उसने हमारे रोगों को सह लिया और उठा लिया

5हमारे पापों के कारण ही उसे रौंदा गया,

6हम सभी भेड़ों के समान भटक गए थे,

7वह सताया गया और,

8अत्याचार करके और दोष लगाकर

9उसकी कब्र दुष्ट व्यक्तियों के साथ रखी गई,

10तो भी याहवेह को यही अच्छा लगा की उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया,

11और अपने प्राणों का दुःख उठाकर

12अतः मैं उसे महान लोगों के साथ एक भाग दूंगा,

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यशायाह 53 — hindi:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019