1हे परमेश्वर मौन न रह;
2क्योंकि देख तेरे शत्रु धूम मचा रहे हैं;
3वे चतुराई से तेरी प्रजा की हानि की सम्मति करते,
4उन्होंने कहा, “आओ, हम उनका ऐसा नाश करें कि राज्य भी मिट जाए;
5उन्होंने एक मन होकर युक्ति निकाली83:5 उन्होंने एक मन होकर युक्ति निकाली: इस विषय पर उनकी सम्मति में मतभेद नहीं है। उनकी एक ही अभिलाषा है और उनका उद्देश्य भी एक ही है। है,
6ये तो एदोम के तम्बूवाले
7गबाली, अम्मोनी, अमालेकी,
8इनके संग अश्शूरी भी मिल गए हैं;
9इनसे ऐसा कर जैसा मिद्यानियों से83:9 इनसे ऐसा कर जैसा मिद्यानियों से: कनान के राजा याबीन की सेना का दबोरा भविष्यद्वक्तिन के निर्देश पर इब्रानी सेना ने उसे जीत लिया था। ,
10वे एनदोर में नाश हुए,
11इनके रईसों को ओरेब और जेब सरीखे,
12जिन्होंने कहा था,
13हे मेरे परमेश्वर इनको बवंडर की धूलि,
14उस आग के समान जो वन को भस्म करती है,
15तू इन्हें अपनी आँधी से भगा दे,
16इनके मुँह को अति लज्जित कर,
17ये सदा के लिये लज्जित और घबराए रहें,
18जिससे ये जानें कि केवल तू जिसका नाम यहोवा है,