1हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डाँट6:1 मुझे अपने क्रोध में न डाँट: जैसे कि मानो उस पर आनेवाले कष्टों के द्वारा उसको झिड़क रहा है।,
2हे यहोवा, मुझ पर दया कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूँ;
3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है।
4लौट आ, हे यहोवा6:4 लौट आ, हे यहोवा: जैसे कि मानो वह उसे छोड़कर चला गया और उसे मरने के लिए छोड़ दिया है। , और मेरे प्राण बचा;
5क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता;
6मैं कराहते-कराहते थक गया;
7मेरी आँखें शोक से बैठी जाती हैं,
8हे सब अनर्थकारियों मेरे पास से दूर हो;
9यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है6:9 यहोवा ने मेरा गिड़गिड़ाना सुना है: जैसा उसने किया है, वैसा वह आगे भी करेगा।;
10मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और बहुत ही घबराएँगे;