1हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा;
2हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दुहाई पर ध्यान दे,
3हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी,
4क्योंकि तू ऐसा परमेश्वर है, जो दुष्टता से प्रसन्न नहीं होता;
5घमण्डी तेरे सम्मुख खड़े होने न पाएँगे;
6तू उनको जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा;
7परन्तु मैं तो तेरी अपार करुणा के कारण तेरे भवन में आऊँगा,
8हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धार्मिकता के मार्ग में मेरी अगुआई कर;
9क्योंकि उनके मुँह में कोई सच्चाई नहीं;
10हे परमेश्वर तू उनको दोषी ठहरा;
11परन्तु जितने तुझ में शरण लेते हैं वे सब आनन्द करें,
12क्योंकि तू धर्मी को आशीष देगा; हे यहोवा,