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भजन संहिता 53

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019 · hindi

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1मूर्ख ने अपने मन में कहा, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।”

2परमेश्वर ने स्वर्ग पर से मनुष्यों के ऊपर दृष्टि की

3वे सब के सब हट गए; सब एक साथ बिगड़ गए;

4क्या उन सब अनर्थकारियों को कुछ भी ज्ञान नहीं,

5वहाँ उन पर भय छा गया जहाँ भय का कोई कारण न था।

6भला होता कि इस्राएल का पूरा उद्धार सिय्योन से निकलता!

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भजन संहिता 53 — hindi:

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