1क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है,
2तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा;
3तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी;
4सुन, जो पुरुष यहोवा का भय मानता हो,
5यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे128:5 यहोवा तुझे सिय्योन से आशीष देवे: वह तुझे खेतों में और घरों में ही आशीष नहीं देगा परन्तु तेरी आशीषें सीधी सिय्योन से आती प्रतीत होंगी।,
6वरन् तू अपने नाती-पोतों को भी देखने पाए!