We Believe JesusFé, Esperança e Nova Vida

ज़करियाह 9

किताबे-मुक़द्दस · urdu

← ज़करियाह 8 ज़करियाह ज़करियाह 10 →

1रब का कलाम मुल्के-हद्राक के ख़िलाफ़ है, और वह दमिश्क़ पर नाज़िल होगा। क्योंकि इनसान और इसराईल के तमाम क़बीलों की आँखें रब की तरफ़ देखती हैं।

2दमिश्क़ की सरहद पर वाक़े हमात बल्कि सूर और सैदा भी इस कलाम से मुतअस्सिर हो जाएंगे, ख़ाह वह कितने दानिशमंद क्यों न हों।

3बेशक सूर ने अपने लिए मज़बूत क़िला बना लिया है, बेशक उसने सोने-चाँदी के ऐसे ढेर लगाए हैं जैसे आम तौर पर गलियों में रेत या कचरे के ढेर लगा लिए जाते हैं।

4लेकिन रब उस पर क़ब्ज़ा करके उस की फ़ौज को समुंदर में फेंक देगा। तब शहर नज़रे-आतिश हो जाएगा।

5यह देखकर अस्क़लून घबरा जाएगा और ग़ज़्ज़ा तड़प उठेगा। अक़रून भी लरज़ उठेगा, क्योंकि उस की उम्मीद जाती रहेगी। ग़ज़्ज़ा का बादशाह हलाक और अस्क़लून ग़ैरआबाद हो जाएगा।

6अशदूद में दो नसलों के लोग बसेंगे। रब फ़रमाता है, “जो कुछ फ़िलिस्तियों के लिए फ़ख़र का बाइस है उसे मैं मिटा दूँगा।

7मैं उनकी बुतपरस्ती ख़त्म करूँगा। आइंदा वह गोश्त को ख़ून के साथ और अपनी घिनौनी क़ुरबानियाँ नहीं खाएँगे। तब जो बच जाएंगे मेरे परस्तार होंगे और यहूदाह के ख़ानदानों में शामिल हो जाएंगे। अक़रून के फ़िलिस्ती यों मेरी क़ौम में शामिल हो जाएंगे जिस तरह क़दीम ज़माने में यबूसी मेरी क़ौम में शामिल हो गए।

8मैं ख़ुद अपने घर की पहरादारी करूँगा ताकि आइंदा जो भी आते या जाते वक़्त वहाँ से गुज़रे उस पर हमला न करे, कोई भी ज़ालिम मेरी क़ौम को तंग न करे। अब से मैं ख़ुद उस की देख-भाल करूँगा।

9ऐ सिय्यून बेटी, शादियाना बजा! ऐ यरूशलम बेटी, शादमानी के नारे लगा! देख, तेरा बादशाह तेरे पास आ रहा है। वह रास्तबाज़ और फ़तहमंद है, वह हलीम है और गधे पर, हाँ गधी के बच्चे पर सवार है।

10मैं इफ़राईम से रथ और यरूशलम से घोड़े दूर कर दूँगा। जंग की कमान टूट जाएगी। मौऊदा बादशाह लफ़्ज़ी तरजुमा : उसके कहने पर। के कहने पर तमाम अक़वाम में सलामती क़ायम हो जाएगी। उस की हुकूमत एक समुंदर से दूसरे तक और दरियाए-फ़ुरात से दुनिया की इंतहा तक मानी जाएगी।

11ऐ मेरी क़ौम, मैंने तेरे साथ एक अहद बाँधा जिसकी तसदीक़ क़ुरबानियों के ख़ून से हुई, इसलिए मैं तेरे क़ैदियों को पानी से महरूम गढ़े से रिहा करूँगा।

12ऐ पुरउम्मीद क़ैदियो, क़िले के पास वापस आओ! क्योंकि आज ही मैं एलान करता हूँ कि तुम्हारी हर तकलीफ़ के एवज़ मैं तुम्हें दो बरकतें बख़्श दूँगा।

13यहूदाह मेरी कमान है और इसराईल मेरे तीर जो मैं दुश्मन के ख़िलाफ़ चलाऊँगा। ऐ सिय्यून बेटी, मैं तेरे बेटों को यूनान के फ़ौजियों से लड़ने के लिए भेजूँगा, मैं तुझे सूरमे की तलवार की मानिंद बना दूँगा।”

14तब रब उन पर ज़ाहिर होकर बिजली की तरह अपना तीर चलाएगा। रब क़ादिरे-मुतलक़ नरसिंगा फूँककर जुनूबी आँधियों में आएगा।

15रब्बुल-अफ़वाज ख़ुद इसराईलियों को पनाह देगा। तब वह दुश्मन को खा खाकर उसके फेंके हुए पत्थरों को ख़ाक में मिला देंगे और ख़ून को मै की तरह पी पीकर शोर मचाएँगे। वह क़ुरबानी के ख़ून से भरे कटोरे की तरह भर जाएंगे, क़ुरबानगाह के कोनों जैसे ख़ूनआलूदा हो जाएंगे।

16उस दिन रब उनका ख़ुदा उन्हें जो उस की क़ौम का रेवड़ हैं छुटकारा देगा। तब वह उसके मुल्क में ताज के जवाहर की मानिंद चमक उठेंगे।

17वह कितने दिलकश और ख़ूबसूरत लगेंगे! अनाज और मै की कसरत से कुँवारे-कुँवारियाँ फलने फूलने लगेंगे।

← ज़करियाह 8 ज़करियाह ज़करियाह 10 →

ज़करियाह 9 — urdu:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019Kitab-i Muqaddasکتابِ مقدّس