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ज़बूर 66

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1ऐ सारी ज़मीन ख़ुदा के सामने ख़ुशी का ना'रा मार।

2उसके नाम के जलाल का हम्द गाओ;

3ख़ुदा से कहो, “तेरे काम क्या ही बड़े हैं!

4सारी ज़मीन तुझे सिज्दा करेगी,

5आओ और ख़ुदा के कामों को देखो;

6उसने समन्दर को खु़श्क ज़मीन बना दिया:

7वह अपनी कु़दरत से हमेशा तक सल्तनत करेगा,

8ऐ लोगो, हमारे ख़ुदा को मुबारक कहो,

9वही हमारी जान को ज़िन्दा रखता है;

10क्यूँकि ऐ ख़ुदा, तूने हमें आज़मा लिया है;

11तूने हमें जाल में फँसाया,

12तूने सवारों को हमारे सिरों पर से गुज़ारा हम आग में से

13मैं सोख़्तनी कु़र्बानियाँ लेकर तेरे घर में दाख़िल हूँगा;

14जो मुसीबत के वक़्त मेरे लबों से निकलीं,

15मैं मोटे मोटे जानवरों की सोख़्तनी क़ुर्बानियाँ

16ऐ ख़ुदा से डरने वालो, सब आओ, सुनो;

17मैंने अपने मुँह से उसको पुकारा,

18अगर मैं बदी को अपने दिल में रखता,

19लेकिन ख़ुदा ने यक़ीनन सुन लिया है;

20ख़ुदा मुबारक हो,

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ज़बूर 66 — urdu:

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