1ऐ मेरे खु़दा मुझे मेरे दुश्मनों से छुड़ा
2मुझे बदकिरदारों से छुड़ा,
3क्यूँकि देख, वह मेरी जान की घात में हैं।
4वह मुझ बेक़सूर पर दौड़ दौड़कर तैयार होते हैं;
5ऐ ख़ुदावन्द, लश्करों के ख़ुदा! इस्राईल के ख़ुदा!
6वह शाम को लौटते और कुत्ते की तरह भौंकते हैं
7देख! वह अपने मुँह से डकारते हैं,
8लेकिन ऐ ख़ुदावन्द! तू उन पर हँसेगा;
9ऐ मेरी कु़व्वत, मुझे तेरी ही आस होगी,
10मेरा ख़ुदा अपनी शफ़क़त से मेरा अगुवा होगा,
11उनको क़त्ल न कर, ऐसा न हो मेरे लोग भूल जाएँ
12वह अपने मुँह के गुनाह,
13क़हर में उनको फ़ना कर दे,
14फिर शाम को वह लौटें और कुत्ते की तरह भौंकें
15वह खाने की तलाश में मारे मारे फिरें,
16लेकिन मैं तेरी कु़दरत का हम्द गाऊँगा,
17ऐ मेरी ताक़त, मै तेरी मदहसराई करूँगा;