1ऐ ख़ुदा! अपने नाम के वसीले से मुझे बचा,
2ऐ ख़ुदा मेरी दुआ सुन ले;
3क्यूँकि बेगाने मेरे ख़िलाफ़ उठे हैं,
4देखो, ख़ुदा मेरा मददगार है!
5वह बुराई को मेरे दुश्मनों ही पर लौटा देगा;
6मैं तेरे सामने रज़ा की कु़र्बानी चढ़ाऊँगा;
7क्यूँकि उसने मुझे सब मुसीबतों से छुड़ाया है,