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ज़बूर 45

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1मेरे दिल में एक नफ़ीस मज़मून जोश मार रहा है,

2तू बनी आदम में सबसे हसीन है;

3ऐ ज़बरदस्त! तू अपनी तलवार को जो तेरी हशमत — ओ — शौकत है,

4और सच्चाई और हिल्म और सदाक़त की ख़ातिर,

5तेरे तीर तेज़ हैं,

6ऐ ख़ुदा, तेरा तख़्त हमेशा से हमेशा तक है;

7तूने सदाक़त से मुहब्बत रखी और बदकारी से नफ़रत,

8तेरे हर लिबास से मुर और 'ऊद और तंज की खु़शबू आती है,

9तेरी ख़ास ख़्वातीन में शाहज़ादियाँ हैं;

10ऐ बेटी, सुन! ग़ौर कर और कान लगा;

11और बादशाह तेरे हुस्न का मुश्ताक़ होगा।

12और सूर की बेटी हदिया लेकर हाज़िर होगी,

13बादशाह की बेटी महल में सरापा हुस्न अफ़रोज़ है,

14वह बेल बूटे दार लिबास में बादशाह के सामने पहुँचाई जाएगी।

15वह उनको ख़ुशी और ख़ुर्रमी से ले आएँगे,

16तेरे बेटे तेरे बाप दादा के जाँ नशीन होंगे;

17मैं तेरे नाम की याद को नसल दर नसल क़ाईम रखूँगा

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ज़बूर 45 — urdu:

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