1ख़ुदावन्द मेरा चौपान है,
2वह मुझे हरी हरी चरागाहों में बिठाता है;
3वह मेरी जान को बहाल करता है।
4बल्कि चाहे मौत के साये की वादी में से मेरा गुज़र हो,
5तू मेरे दुश्मनों के सामने मेरे आगे दस्तरख़्वान बिछाता है;
6यक़ीनन भलाई और रहमत उम्र भर मेरे साथ साथ रहेंगी: