1ऐ ख़ुदा मेरी हिफ़ाज़त कर,
2मैंने ख़ुदावन्द से कहा
3ज़मीन के पाक लोग वह बरगुज़ीदा हैं,
4गै़र मा'बूदों के पीछे दौड़ने वालों का ग़म बढ़ जाएगा;
5ख़ुदावन्द ही मेरी मीरास और मेरे प्याले का हिस्सा है;
6जरीब मेरे लिए दिलपसंद जगहों में पड़ी,
7मैं ख़ुदावन्द की हम्द करूँगा,
8मैंने ख़ुदावन्द को हमेशा अपने सामने रख्खा है;
9इसी वजह से मेरा दिल खु़श और मेरी रूह शादमान है;
10क्यूँकि तू न मेरी जान को पाताल में रहने देगा,
11तू मुझे ज़िन्दगी की राह दिखाएगा;