1ख़ुदावन्द की हम्द करो।
2इस्राईल अपने ख़ालिक में ख़ुश रहे,
3वह नाचते हुए उसके नाम की सिताइश करें,
4क्यूँकि ख़ुदावन्द अपने लोगों से खू़शनूद रहता है;
5पाक लोग जलाल पर फ़ख़्र करें,
6उनके मुँह में ख़ुदा की तम्जीद,
7ताकि क़ौमों से इन्तक़ाम लें,
8उनके बादशाहों को ज़ंजीरों से जकड़ें,
9ताकि उनको वह सज़ा दें जो लिखी हैं!