1बेवकू़फ़ ने अपने दिल में कहा है, कि कोई ख़ुदा नहीं। वह बिगड़ गए,
2ख़ुदावन्द ने आसमान पर से बनी आदम पर निगाह की ताकि देखे कि कोई अक़्लमन्द,
3वह सब के सब गुमराह हुए, वह एक साथ नापाक हो गए,
4क्या उन सब बदकिरदारों को कुछ'इल्म नहीं,
5वहाँ उन पर बड़ा ख़ौफ़ छा गया,
6तुम ग़रीब की मश्वरत की हँसी उड़ाते हो;
7काश कि इस्राईल की नजात सिय्यून में से होती!