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ज़बूर 139

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1ऐ ख़ुदावन्द! तूने मुझे जाँच लिया और पहचान लिया।

2तू मेरा उठना बैठना जानता है;

3तू मेरे रास्ते की और मेरी ख़्वाबगाह की छान बीन करता है,

4देख! मेरी ज़बान पर कोई ऐसी बात नहीं,

5तूने मुझे आगे पीछे से घेर रखा है,

6यह इरफ़ान मेरे लिए बहुत 'अजीब है;

7मैं तेरी रूह से बचकर कहाँ जाऊँ?

8अगर आसमान पर चढ़ जाऊँ, तो तू वहाँ है।

9अगर मैं सुबह के पर लगाकर,

10तो वहाँ भी तेरा हाथ मेरी राहनुमाई करेगा,

11अगर मैं कहूँ कि यक़ीनन तारीकी मुझे छिपा लेगी,

12तो अँधेरा भी तुझ से छिपा नहीं सकता,

13क्यूँकि मेरे दिल को तू ही ने बनाया;

14मैं तेरा शुक्र करूँगा, क्यूँकि मैं 'अजीबओ — ग़रीब तौर से बना हूँ।

15जब मैं पोशीदगी में बन रहा था,

16तेरी आँखों ने मेरे बेतरतीब माद्दे को देखा,

17ऐ ख़ुदा! तेरे ख़याल मेरे लिए कैसे बेशबहा हैं।

18अगर मैं उनको गिनूँ तो वह शुमार में रेत से भी ज़्यादा हैं।

19ऐ ख़ुदा! काश के तू शरीर को क़त्ल करे।

20क्यूँकि वह शरारत से तेरे ख़िलाफ़ बातें करते हैं:

21ऐ ख़ुदावन्द! क्या मैं तुझ से 'अदावत रखने वालों से 'अदावत नहीं रखता,

22मुझे उनसे पूरी 'अदावत है,

23ऐ ख़ुदा, तू मुझे जाँच और मेरे दिल को पहचान।

24और देख कि मुझ में कोई बुरा चाल चलन तो नहीं,

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ज़बूर 139 — urdu:

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