1ख़ुदावन्द की हम्द करो!
2उसकी नसल ज़मीन पर ताक़तवर होगी;
3माल — ओ — दौलत उसके घर में है;
4रास्तबाज़ों के लिए तारीकी में नूर चमकता है;
5रहम दिल और क़र्ज़ देने वाला आदमी फ़रमाँबरदार है;
6उसे कभी जुम्बिश न होगी:
7वह बुरी ख़बर से न डरेगा;
8उसका दिल बरकरार है, वह डरने का नहीं,
9उसने बाँटा और मोहताजों को दिया,
10शरीर यह देखेगा और कुढ़ेगा;