1हिकमत ने अपना घर बना लिया,
2उसने अपने जानवरों को ज़बह कर लिया,
3उसने अपनी सहेलियों को रवाना किया है;
4“जो सादा दिल है,
5“आओ, मेरी रोटी में से खाओ,
6ऐ सादा दिलो, बाज़ आओ और ज़िन्दा रहो,
7ठठ्ठा बाज़ को तम्बीह करने वाला ला'नतान उठाएगा,
8ठठ्ठाबाज़ को मलामत न कर, ऐसा न हो कि वह तुझ से 'अदावत रखने लगे;
9'अक़्लमंद की तरबियत कर, और वह और भी 'अक़्लमंद बन जाएगा;
10ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ हिकमत का शुरू' है,
11क्यूँकि मेरी बदौलत तेरे दिन बढ़ जाएँगे,
12अगर तू 'अक़्लमंद है तो अपने लिए,
13बेवक़ूफ़ 'औरत गौग़ाई है;
14वह अपने घर के दरवाज़े पर,
15ताकिआने जाने वालों को बुलाए,
16“सादा दिल इधर आ जाएँ,”
17“चोरी का पानी मीठा है,
18लेकिन वह नहीं जानता कि वहाँ मुर्दे पड़े हैं,