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अम्सा 15

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019 · urdu

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1नर्म जवाब क़हर को दूर कर देता है,

2'अक़्लमंदों की ज़बान 'इल्म का दुरुस्त बयान करती है,

3ख़ुदावन्द की आँखें हर जगह हैं

4सिहत बख़्श ज़बान ज़िन्दगी का दरख़्त है,

5बेवक़ूफ़ अपने बाप की तरबियत को हक़ीर जानता है,

6सादिक़ के घर में बड़ा ख़ज़ाना है,

7'अक़्लमंदों के लब 'इल्म फैलाते हैं,

8शरीरों के ज़बीहे से ख़ुदावन्द को नफ़रत है,

9शरीरों का चाल चलन से ख़ुदावन्द को नफ़रत है,

10राह से भटकने वाले के लिए सख़्त तादीब है,

11जब पाताल और जहन्नुम ख़ुदावन्द के सामने खुले हैं,

12ठठ्ठाबाज़ तम्बीह को दोस्त नहीं रखता,

13ख़ुश दिली चेहरे की रौनक पैदा करती है,

14समझदार का दिल 'इल्म का तालिब है,

15मुसीबत ज़दा के तमाम दिन बुरे हैं,

16थोड़ा जो ख़ुदावन्द के ख़ौफ़ के साथ हो,

17मुहब्बत वाले घर में ज़रा सा सागपात,

18ग़ज़बनाक आदमी फ़ितना खड़ा करता है,

19काहिल की राह काँटो की आड़ सी है,

20'अक़्लमंद बेटा बाप को ख़ुश रखता है,

21बे'अक़्ल के लिए बेवक़ूफ़ी शादमानी का ज़रिया' है,

22सलाह के बगै़र इरादे पूरे नहीं होते,

23आदमी अपने मुँह के जवाब से ख़ुश होता है,

24'अक़्लमंद के लिए ज़िन्दगी की राह ऊपर को जाती है,

25ख़ुदावन्द मग़रूरों का घर ढा देता है,

26बुरे मन्सूबों से ख़ुदावन्द को नफ़रत है

27नफ़े' का लालची अपने घराने को परेशान करता है,

28सादिक़ का दिल सोचकर जवाब देता है,

29ख़ुदावन्द शरीरों से दूर है,

30आँखों का नूर दिल को ख़ुश करता है,

31जो ज़िन्दगी बख़्श तम्बीह पर कान लगाता है,

32तरबियत को रद्द करने वाला अपनी ही जान का दुश्मन है,

33ख़ुदावन्द का ख़ौफ़ हिकमत की तरबियत है,

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अम्सा 15 — urdu:

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