1दग़ा के तराजू़ से ख़ुदावन्द को नफ़रत है,
2तकब्बुर के साथ बुराई आती है,
3रास्तबाज़ों की रास्ती उनकी राहनुमा होगी,
4क़हर के दिन माल काम नहीं आता,
5कामिल की सदाक़त उसकी राहनुमाई करेगी लेकिन शरीर अपनी ही शरारत से गिर पड़ेगा।
6रास्तबाज़ों की सदाक़त उनको रिहाई देगी,
7मरने पर शरीर का उम्मीद ख़ाक में मिल जाता है,
8सादिक़ मुसीबत से रिहाई पाता है,
9बेदीन अपनी बातों से अपने पड़ोसी को हलाक करता है
10सादिक़ों की खु़शहाली से शहर ख़ुश होता है।
11रास्तबाज़ों की दुआ से शहर सरफ़राज़ी पाता है,
12अपने पड़ोसी की बे'इज़्ज़ती करने वाला बे'अक़्ल है,
13जो कोई लुतरापन करता फिरता है राज़ खोलता है,
14नेक सलाह के बगै़र लोग तबाह होते हैं,
15जो बेगाने का ज़ामिन होता है सख़्त नुक़्सान उठाएगा,
16नेक सीरत 'औरत 'इज़्ज़त पाती है,
17रहम दिल अपनी जान के साथ नेकी करता है,
18शरीर की कमाई बेकार है,
19सदाक़त पर क़ाईम रहने वाला ज़िन्दगी हासिल करता है,
20कज दिलों से ख़ुदावन्द को नफ़रत है,
21यक़ीनन शरीर बे सज़ा न छूटेगा,
22बेतमीज़ 'औरत में खू़बसूरती,
23सादिक़ों की तमन्ना सिर्फ़ नेकी है;
24कोई तो बिथराता है, लेकिन तो भी तरक़्क़ी करता है;
25सख़ी दिल मोटा हो जाएगा,
26जो ग़ल्ला रोक रखता है, लोग उस पर ला'नत करेंगे;
27जो दिल से नेकी की तलाश में है मक़्बूलियत का तालिब है,
28जो अपने माल पर भरोसा करता है गिर पड़ेगा,
29जो अपने घराने को दुख देता है, हवा का वारिस होगा,
30सादिक़ का फल ज़िन्दगी का दरख़्त है,
31देख, सादिक़ को ज़मीन पर बदला दिया जाएगा,