1ज्यान पासाण मी एक उंजु हेरोगदुताह हेरगाम रेन उतेरतालो दिख्यो। ताह मुठलो आदिकार ईतो, एने देरती तान उजाला केरीन चोमेक उठनी।
218:2 प्रकाशितवाक्य 14:8तो मोठेस आयड़ीन केयो, “मोटलो बाबिलोन पोड़ गीयो! पोड़ गीयो! तो खाराब जीवान जागु; एने आखी बातीन एठी जीवान ईड्डो एने एकेक एठा एने खाराब चीड़ान ईड्डो एय गीयोह।
3काहाकाय आखा देस तान दारो मतलब खाराब ने बियावी ओहली आदेतीह पियेल हेते। ज्यी देरतीन राजा ती हेऱ्या खाराब सिनालो किरेल हेते, एने देरतीन वेपारी तान हुख ने कारेण मालदार एती गीयाह।”
4पुशो मी हेरगा माय रेन ज्यो आवाज होमल्यो:
5काहाकाय तान पाप हेरगा माय वोर पोच गीयो,
6तुमू बी ता हेऱ्या ठिक तोहलोस वेवारो किरो;
7काहाकाय जी बोड़ाय एने ईजुत ती आपणे आपाह आपेल हे,
8केरीन ती पोर एकुस दिह्या माय पिड़ा आव पोड़ी, मोत, दुख, एने काल।
9ज्यी दुनियान जा राजा ती हेऱ्यो सिनालो किरेल एने हुक माय जियेल एता, ता तीन हेलेगताला दुवाड़ाह देखती एने ता तीन केरता रेड़ती एने दुख मोणावती।
10तीन पिड़ा देखीन ता बियीन सेटा उबरीन केती, “एय मुठलो हियोर बाबिलोन! एय मोजबुत गाव, हाय! हाय! एकताल माय तुवाह सेजा जुड़ गियी!”
11देरतीन वेपारी तीन केरता रेड़ती एने दुख मोणावती, काहाकाय तान कुण बी लेय नाय;
12मतलब होनो चांदी, मोंगाला दिगोड़ एने हिरो, हुवाल्ला एने जामण्या फाड़का, रेशमी एने रातला फाड़का, आखी बातीन मोग मोग गेंदाणे लाकड़े एने आथीन दातान बाणायेल वोस्तु, मोंगालो लाकोड़, पितेल, लोखंडो एने गेराम लागणार आखी वोस्तु।
13एने दालचीनी, मासालो, एसेल गेंदाणार वोस्तु, हालीयान डिक; दारो, तेल, मोयदो, गोव, गाय बुयेल, मेंड्रा बोकड्या, गोड़ा, तांगो, पावोर, सेरीर एने माणहान जीव वोर।
14वेपारी तीह केती, “त्यु आख्यु हाजी वोस्तु जी माय तार जीव खुस एतो, तो आखो एवी खेतेम एय गीयोह, एने तार आखी ईजुत जात रियेल हे, तु एवी ती वोस्तुह केदी बी होद नाय सिकहे!”
15ता वेपारी जा ज्यी वोस्तुन वोजेसे मालदार बोण जायेल एता, ता आखा तीन पिड़ा माय बागीदार एणेन बिय ने कारेण वोजेसे सेटास उबरेती। ता रेड़ती एने दुख मोणावती,
16एने केती, “हाय! हाय!” तो मुठलो हियोर हाजा हुवाल्ला, जामण्या एने रातला फाड़का पिर रियेल एतो, एने होनो, मोंगाला दिगोड़, एने हिरामोती माय होबाय रियेल एतो!
17एकताल माय तीन मालदेन खेतेम एय गीयो!
18जेवी माणहे तीन हेलेगणेन दुवाड़ाह देखीन आयड़ीन केया: “काय ज्या मोटला हेयरान गेत एगदो दिहरो हियोर बुणील!”
19ता आखा तान मुंडी पोर रेजड़ो टाकती एने रेड़ती एने दुख मोणावती जाईन केती, मुठलो हियोर “हाय! हाय! ज्यो कोलोक बयंकर एने केठीण हे। ज्यान मालदेनान द्वारे देरीयान आखा डोंडह्यावाला मालदार एय जायेल एता, एने एकताल माय ता हेयरान आखो काय उजड़ी गीयो!”
20एय हेरोग, एने एय बोगवानान माणहा, प्रेरित, जाणकार तीन खेतेम एणेन कारेण खुसी मोणावो! काहाकाय बोगवान तीह ठिक तोहलोस डेंड आपेल हे जिहकेरीन ती तुमूह आपेल एती!
21पुशो एक ताकेतवान हेरोगदुत मोटली गेरटीन पुड़ान गेत एक देगड़ाह उखील लिदो, एने ज्यो किन देरीया माय जुगार दिनो, “ज्यो मुठलो हियोर बाबिलोन इहीचकेरीन निचो जुगाराय जाय, एने तान केदी बी पुतो नाय चाली।
22रेणथो वाजाड़नार, गायेक, पावली वाजाड़नार, एने पावलो फुकणारान आवाज पोशो केदी बी तुवा माय होमलाय नाय देय; एने एवी रेन काल्लो बी काम केरनार माणुह कुणूस तुवा माय पोशो केदी बी नाय जुड़ी; एने गेरटी चालाड़नेन आवाज तार माय पोशो केदी होमलाय नाय देय!
23एने दिवान उजालो तुवा माय पोशो केदी बी देखाय नाय, एने वोवड़ान एने वोवड़ीन आवाज पोशो केदी बी तुवा माय होमलाय नाय देय। काहाकाय तार वेपारी दुनिया माय ताकेतवाला एता, एने देरतीन आखा माणहे तार जुठा चोमेत्कारान वोजेसे बारमाय जायेल एता!”
24एने देरती पोर माराय जायेल ता आखा बोगवानान माणहान, एने जाणकारान लुय बाबिलोन हेयरा माय सापड़ेल हे।