1हे इस्राएल, याहवेह अपने परमेश्वर के पास लौट आओ.
2याहवेह की बातों को मानो
3अश्शूर हमारा उद्धार नहीं कर सकता;
4“मैं उनकी बेवफ़ाई को दूर करूंगा,
5मैं इस्राएल के लिये ओस के समान होऊंगा;
6उसके कोमल अंकुर बढ़ेंगे.
7लोग फिर से उसकी छाया में निवास करेंगे;
8हे एफ्राईम, मूर्तियों से अब मेरा और क्या काम?
9बुद्धिमान कौन है? उन्हें इन बातों का अनुभव करने दो.