1याहवेह, मैं आपकी महिमा और प्रशंसा करूंगा,
2याहवेह, मेरे परमेश्वर, मैंने सहायता के लिए आपको पुकारा,
3याहवेह, आपने मुझे अधोलोक से ऊपर खींच लिया;
4याहवेह के भक्तो, उनके स्तवन गान गाओ;
5क्योंकि क्षण मात्र का होता है उनका कोप,
6अपनी समृद्धि की स्थिति में मैं कह उठा,
7याहवेह, आपने ही मुझ पर कृपादृष्टि कर,
8याहवेह, मैंने आपको पुकारा;
9“क्या लाभ होगा मेरी मृत्यु से,
10याहवेह, मेरी विनती सुनिए, मुझ पर कृपा कीजिए;
11आपने मेरे विलाप को उल्लास-नृत्य में बदल दिया;
12कि मेरा हृदय सदा आपका गुणगान करता रहे और कभी चुप न रहे.