We Believe JesusFé, Esperança e Nova Vida

स्तोत्र 140

Biblica® हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि · hindi

← स्तोत्र 139 स्तोत्र स्तोत्र 141 →

1याहवेह, दुष्ट पुरुषों से मुझे उद्धार प्रदान कीजिए;

2वे मन ही मन अनर्थ षड़्‍यंत्र रचते रहते हैं

3उन्होंने अपनी जीभ सर्प सी तीखी बना रखी है;

4याहवेह, दुष्टों से मेरी रक्षा कीजिए;

5उन अहंकारियों ने मेरे पैरों के लिए एक फंदा बनाकर छिपा दिया है;

6मैं याहवेह से कहता हूं, “आप ही मेरे परमेश्वर हैं.”

7याहवेह, मेरे प्रभु, आप ही मेरे उद्धार का बल हैं,

8दुष्टों की अभिलाषा पूर्ण न होने दें, याहवेह;

9जिन्होंने इस समय मुझे घेरा हुआ है;

10उनके ऊपर जलते हुए कोयलों की वृष्टि हो;

11निंदक इस भूमि पर अपने पैर ही न जमा सकें;

12मैं जानता हूं कि याहवेह दुखित का पक्ष अवश्य लेंगे

13निश्चयतः धर्मी आपके नाम का आभार मानेंगे,

← स्तोत्र 139 स्तोत्र स्तोत्र 141 →

स्तोत्र 140 — hindi:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019