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मीकाह 1

Biblica® हिंदी समकालीन संस्करण-स्वतंत्र उपलब्धि · hindi

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1यहूदिया के राजा योथाम, आहाज़ तथा हिज़किय्याह के शासनकाल में मोरेशेथवासी मीकाह के पास याहवेह का यह वचन पहुंचा, जिसे उसने शमरिया और येरूशलेम के बारे में दर्शन में देखा.

2हे लोगों, तुम सब सुनो,

3देखो! याहवेह अपने निवास से निकलकर आ रहे हैं;

4उनके पैरों के नीचे पर्वत पिघल जाते हैं

5यह सब याकोब के अपराध,

6“इसलिये मैं शमरिया को मैदान में खंडहर के ढेर सा कर दूंगा,

7उसकी सब मूर्तियां टुकड़े-टुकड़े कर दी जाएंगी;

8इसलिये मैं रोऊंगा और विलाप करूंगा;

9क्योंकि शमरिया का घाव असाध्य है;

10यह समाचार गाथ1:10 गाथ अर्थ कहना में न दिया जाए;

11तुम जो शाफीर1:11 शाफीर अर्थ सुहानी में रहते हो,

12जो मारोथ1:12 मारोथ अर्थ कड़वा में रहते हैं, वे दर्द से छटपटा रहे हैं,

13तुम जो लाकीश में रहते हो,

14इसलिये तुम्हें ही मोरेशेथ-गथ को

15हे मारेशाह1:15 मारेशाह अर्थ विजेता के रहनेवाले,

16अपने प्यारे बच्चों के लिए शोक में

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मीकाह 1 — hindi:

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) हिंदी - 2019