1याहवेह का यह वचन यहूदिया के राजा अमोन के पुत्र योशियाह के शासनकाल में कूशी के पुत्र ज़ेफनियाह के पास आया; जेफ़नयाह कूशी का, कूशी गेदालियाह का, गेदालियाह अमरियाह का तथा अमरियाह हिज़किय्याह का पुत्र था:
2“मैं पृथ्वी से
3“मैं मनुष्य तथा पशु दोनों को नष्ट कर दूंगा;
4“मैं यहूदिया के विरुद्ध
5मैं उन्हें भी मिटा दूंगा,
6उन्हें भी, जो याहवेह के पीछे चलना छोड़ दिये हैं
7परम याहवेह के सामने चुप रहो,
8“याहवेह के ठहराए बलिदान चढ़ाने के दिन
9उस दिन मैं उन सभी को दंड दूंगा
10“उस दिन”
11तुम जो बाजारवाले जिला में रहते हो, विलाप करो;
12उस समय मैं दीपक लेकर येरूशलेम में खोजूंगा
13उनका धन लूट लिया जाएगा,
14याहवेह का भयानक दिन निकट है—
15वह कोप का दिन होगा,
16गढ़वाले शहरों के विरुद्ध
17“मैं संपूर्ण मानव जाति पर ऐसी विपत्ति लाऊंगा,
18याहवेह के कोप के दिन,