1वह निर्जन स्थान
2वह अत्यंत आनंदित होगी
3जो उदास है उन्हें उत्साहित करो,
4घबराने वाले व्यक्तियों से कहो,
5तब अंधों की आंखें खोली जायेंगी
6तब लंगड़ा हिरण के समान उछलेगा,
7सूखी हुई भूमि पोखर सोते में बदल जायेगी,
8वहां एक मार्ग होगा;
9उस मार्ग पर सिंह नहीं होगा,
10इसलिये वे जो याहवेह द्वारा छुड़ाए गए हैं,