1सेला नगर से
2आरनोन के घाट पर
3“हमें समझाओ,
4मोआब के घर से निकाले हुओं को अपने बीच में रहने दो;
5तब दया के साथ एक सिंहासन बनाया जाएगा;
6हमने मोआब के अहंकार—
7इसलिये मोआब को
8हेशबोन के खेत तथा सिबमाह के दाख की बारी सूख गई हैं;
9इसलिये मैं याज़र के लिए रोऊंगा,
10फलदायी बारी से आनंद और उनकी खुशी छीन ली गई है;
11मेरा मन मोआब के लिए
12जब मोआब ऊंचाई पर जाकर थक
13यह मोआब के लिये पहले कहा हुआ याहवेह का वचन है.
14परंतु अब याहवेह ने यों कहा: “मजदूरों की तीन वर्षों की गिनती के अनुसार, मोआब का वैभव तिरस्कार में तुच्छ जाना जाएगा और उसके बचे हुए अत्यंत कम और कमजोर होंगे.”