1हे परमेश्वर, अन्यजातियाँ तेरे निज भाग में घुस आईं;
2उन्होंने तेरे दासों की शवों को आकाश के पक्षियों का आहार कर दिया,
3उन्होंने उनका लहू यरूशलेम के चारों ओर जल के समान बहाया,
4पड़ोसियों के बीच हमारी नामधराई हुई;
5हे यहोवा, कब तक79:5 हे यहोवा, कब तक: इस भाषा को परमेश्वर के लोग घोर परीक्षाओं के समय काम में लेते थे ऐसी परीक्षाएँ जिनका अन्त होता प्रतीत नहीं होता था।? क्या तू सदा के लिए क्रोधित रहेगा?
6जो जातियाँ तुझको नहीं जानती,
7क्योंकि उन्होंने याकूब को निगल लिया,
8हमारी हानि के लिये हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों को स्मरण न कर;
9हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, अपने नाम की महिमा के निमित्त हमारी सहायता कर;
10अन्यजातियाँ क्यों कहने पाएँ कि उनका परमेश्वर कहाँ रहा?
11बन्दियों का कराहना तेरे कान तक पहुँचे79:11 बन्दियों का कराहना तेरे कान तक पहुँचे: बन्धुआ लोगों की आह जो बन्धुआई के कष्टों से है वही नहीं उनके अपने देश और घरों से विस्थापित किए जाने के कारण जो विलाप है वह। ;
12हे प्रभु, हमारे पड़ोसियों ने जो तेरी निन्दा की है,
13तब हम जो तेरी प्रजा और तेरी चराई की भेड़ें हैं,