1इजी ते बाद मैं एक स्वर्गदूत स्वर्गो ते उतरदे ऊए देखेया। से बऊत ई सामर्थी था और तरती तेसरे तेजो ते चमकी गी।
2तिने जोरे की आक्का पाई की बोलेया,
3कऊँकि तेसा रे व्याभिचारो रे
4तेबे मैं स्वर्गो ते केसी ओरी री आवाज सुणी,
5कऊँकि तेसा रे पाप स्वर्गो तक पऊँछी गे रे
6जेड़ा तिने तुसा खे देई राखेया, तेड़ा ई तेसखे बी देओ
7जितणी तिने आपणी तारीफ कित्ती और सुख-बिलास कित्तेया,
8इजी बजअ ते एक ई दिनो रे तेसा पाँदे मुसीबता आऊणियां,
9“तरतिया रे राजा, जिने तेसा साथे व्याभिचार और सुख-बिलास कित्तेया, जेबे तेसा रे फूकणे रा तुआँ देखणा, तो तेसा खे रोणे और छाती पीटणी।
10तेसा री पीड़ा रे डरो रे मारे दूर खड़े ऊई की बोलणा,
11“तरतिया रे बपारी तेसा खे रोणे और शोग करना, कऊँकि एबे केसी बी तिना रा माल नि लणा,
12मतलब सुईना, चाँदी, रत्न, मोती, बैंगणी, रेशमी और लाल टाले और हर प्रकारा री खुशबूदार लकड़ी, आथी दाँदो रिया हर प्रकारा रिया चीजा, किमती लकड़ी, पीतल़, लोआ और संगमरमरो रे सब प्रकारा रिया चीजा,
13और दाल़चीनी, मसाले, तूप, इत्र, लोबान, शराब, तेल, मैदा, कणक, गाय, बल़द, पेडा, बाकरिया, कोड़े, रथ, दास और मांणूए खे खरीदणे वाल़ा कोई नि रया।
14“बपारिए तेसा खे बोलेया, ‘एबे तेरे मनचाए फल तांगा गे ते चली गे और सुख-विलास और पड़कीली चीजा तांते दूर ऊईगिया और सेयो फेर कदी नि मिलणिया।’
15इना चीजा रे बपारी, जो तेसा रे जरिए अमीर ऊईगे थे, तेसा री पीड़ा रे डरो रे मारे दूर खड़े ऊणे और रोंदे और शोग करदे ऊए बोलणा,
16“ताखे धिक्कार ए, धिक्कार ए, से बड़ा नगर,
17थोड़े बखतो रेई तिजी रा एड़ा पारी धन नाश ऊईगा।
18और तेसा रे फूखणे रा तुआँ देखदे ऊए आक्का पाई की बोलणा, ‘कुण जा नगर, एस बड़े नगरो जेड़ा ए?’
19तिना आपणे-आपणे सिरो पाँदे तूड़ पाणी और रोंदे और शोग करदे ऊए चींगी-चींगी की बोलणा,
20ओ स्वर्ग और ओ परमेशरो रे लोको और प्रेरितों
21तेबे एक तागतबर स्वर्गदूते एक बड़ी चाक्किया रे पूड़ो जेड़ा एक पात्थर चकेया और ये बोली की समुद्रो रे सेटी ता,
22बीणा बजाणे वाल़े, गाणे वाल़े, बंसी बजाणे वाल़े
23दिऊएया रा प्रयासा फेर कदी तांदे नि चमकणा
24भविष्यबक्ता, परमेशरो रे लोक