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प्रकाशितवाक्य 15

बघल्याणी नवां विधान · bf

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1इजी ते बाद मैं स्वर्गो रे एक ओर बड़ा और नऊखा नजारा देखेया, मतलब-सात स्वर्गदूत, जिना गे सातो आखरी मुसीबता थिया, कऊँकि तिना रे ऊणे ते परमेशरो रे प्रकोपो रा अंत ए।

2और मैं आगी साथे मिले रा काँचो जेड़ा एक समुद्र देखेया और जो तेस डांगरो पाँदे, तेसरी मूरता पाँदे और तेसरे नाओं रे अंको पाँदे जयवंत ऊए थे, सेयो तेस काँचो रे समुद्रो रे नेड़े परमेशरो री बीणा लयी की खड़े देखे।

3सेयो परमेशरो रे दास मूसे रा गाणा और मिन्टूए रा गाणा गायी-गायी की बोलो थे,

4ओ प्रभु, तांते कुण नि डरना

5इजी ते बाद मैं देखेया कि स्वर्गो रे मन्दर खोलेया और तिदे साक्षिया रा तम्बू था।

6और सेयो सातो स्वर्गदूत, जिना गे सातो मुसीबता थिया, मलमलो रे शुद्ध और चमकदे ऊए टाल्ले पईनी की और छातिया पाँदे सुईने री पट्टिया बानी की मन्दरो ते निकल़े।

7तेबे तिना चारो प्राणिया बीचा ते एकी जणे तिना सातो स्वर्गदूता खे परमेशरो रे, जो जुगो-जुगो तक जिऊँदा ए, प्रकोपो ते फरे रे सात सुईने रे कटोरे दित्ते

8और परमेशरो री महिमा और तेसरी सामर्था री बजअ ते मन्दर तुँए की फरी गा। और जदुओ तक तिना सातो स्वर्गदूता रिया सातो मुसीबता खत्म नि ऊईया, तदुओ तक कोई मन्दरो रे नि जाई सकेया।

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